स्पीकर टेस्ट
फ़्री ऑनलाइन स्पीकर टेस्ट — कोई डाउनलोड नहीं
और टूल्स
इसे कैसे इस्तेमाल करें
- 1
टूल पर बाएँ या दाएँ स्वाइप करें टैब बदलने के लिए, या सीधे टैब पर टैप करें।
- 2
चैनल — बाएँ, दाएँ या दोनों टैप करें और सुनें। एक साइड साइलेंट? बस वहीं समस्या है।
- 3
बेस — फ़्रीक्वेंसी चुनें और Play दबाएँ। 60 Hz से शुरू करें और नीचे जाएँ, देखें कहाँ आवाज़ खत्म होती है।
- 4
स्वीप — 20 Hz से 20 kHz तक एक बार में स्कैन करता है। सुनें कहाँ आवाज़ पतली होती या गायब हो जाती है।
- 5
3D साउंड — हेडफ़ोन पहनें और Start करें। आवाज़ सिर के चारों तरफ घूमती हुई लगनी चाहिए।
- 6
साउंड पैन — टोन बाएँ-दाएँ बाउंस करता है। दोनों साइड बराबर लाउड हैं या नहीं, यह चेक करने के लिए।
- 7
नॉइज़ — व्हाइट, पिंक या ब्राउन टैप करें। पिंक नॉइज़ स्पीकर कैलिब्रेशन का स्टैंडर्ड है।
इस टूल के बारे में
सब कुछ Web Audio API के ज़रिए ब्राउज़र में चलता है, कुछ इंस्टॉल नहीं करना पड़ता। चैनल टेस्ट सबसे जल्दी बताता है कि कोई स्पीकर बंद हो गया है या एक साइड ज़्यादा धीमी है। बेस टेस्ट में आप खास फ़्रीक्वेंसी टेस्ट कर सकते हैं — बिल्कुल पता चल जाता है कि स्पीकर कहाँ से कमज़ोर पड़ने लगता है। स्वीप पूरी ऑडिबल रेंज एक साथ कवर करता है। 3D मोड HRTF फ़िल्टर इस्तेमाल करता है, जो नकल करते हैं कि कान अलग-अलग दिशाओं से आवाज़ कैसे पकड़ते हैं — हेडफ़ोन से पूरा असर आता है। नॉइज़ जनरेटर स्पीकर ग्रिल से आने वाली खड़खड़ाहट या वाइब्रेशन पकड़ने में काम आता है।
छह टेस्ट, एक टूल
चैनल टेस्ट
सिर्फ़ बाएँ, सिर्फ़ दाएँ, या दोनों एक साथ। खराब या असंतुलित स्पीकर पकड़ने का सबसे तेज़ तरीका।
बेस टेस्ट
20 से 120 Hz तक चुनें। सुनें कि स्पीकर वाकई उस आवाज़ को निकाल पा रहा है या नहीं — बजट मॉडल अक्सर 80 Hz के पास गिरने लगते हैं।
फ़्रीक्वेंसी स्वीप
20 Hz से 20 kHz तक धीरे-धीरे स्कैन। बिल्कुल पता चलता है कहाँ आवाज़ कमज़ोर होती, पतली होती, या उभरती है।
3D साउंड
HRTF पैनिंग से आवाज़ सिर के चारों ओर घूमती लगती है। हेडफ़ोन के साथ सबसे बढ़िया काम करता है।
साउंड पैन
टोन बाएँ-दाएँ मूव करता है। दोनों चैनल बराबर एक्टिव हैं, इसका क्विक चेक।
नॉइज़
व्हाइट, पिंक और ब्राउन — फ़ुल-रेंज टेस्ट और वाइब्रेशन ढूँढने के लिए। पिंक नॉइज़ कैलिब्रेशन का स्टैंडर्ड है।