टोन जनरेटर

अपने ब्राउज़र में कोई भी फ़्रीक्वेंसी बजाएँ — मुफ़्त, कोई इंस्टॉलेशन नहीं

आवृत्ति

Hz

तरंग प्रकार

1 Hz20k Hz

चैनल

दोनों
बायाँदायाँ

वॉल्यूम

40%

सर्वोत्तम सटीकता के लिए हेडफ़ोन का उपयोग करें। अपनी सुनने की क्षमता की रक्षा के लिए वॉल्यूम कम रखें।

कैसे इस्तेमाल करें

  1. 1

    प्ले दबाने से पहले हेडफ़ोन लगाएँ या स्पीकर चालू करें।

  2. 2

    पहले वेव टाइप चुनें — शुद्ध टोन के लिए साइन, गुनगुनाहट के लिए स्क्वेयर, बीच का कुछ चाहिए तो ट्राइएंगल, तेज़ और धारदार आवाज़ के लिए सॉटूथ।

  3. 3

    फ़्रीक्वेंसी स्लाइडर खींचें या सीधे नंबर टाइप करें। कम वैल्यू पर गहरी बास, ज़्यादा वैल्यू पर तीखी और भेदने वाली आवाज़।

  4. 4

    जो चेक करना है उसके अनुसार लेफ़्ट, राइट या दोनों चैनल चुनें।

  5. 5

    शुरू करने से पहले वॉल्यूम कम करें — बाद में बढ़ा सकते हैं, लेकिन तेज़ टोन का असर मिटा नहीं सकते।

  6. 6

    प्ले दबाएँ। स्क्रीन पर वेवफ़ॉर्म दिखाता है कि असल में क्या बज रहा है। जब हो जाए तो स्टॉप दबाएँ।

यह क्या है?

टोन जनरेटर आपकी चुनी हुई फ़्रीक्वेंसी पर लगातार आवाज़ बजाता है। संगीतकार इसे वाद्य यंत्र ट्यून करने में इस्तेमाल करते हैं। ऑडियो इंजीनियर उपकरण टेस्ट करते हैं। कुछ लोग कमरे या स्पीकर की रेज़ोनेंट फ़्रीक्वेंसी ढूँढते हैं। कुछ अपनी सुनने की रेंज जाँचते हैं। और कुछ को अलग-अलग वेवफ़ॉर्म की तुलना करना दिलचस्प लगता है। कारण जो भी हो, यह काम करता है।

यह किस काम आता है

1 Hz से 20,000 Hz

पूरी मानव श्रवण सीमा — गहरी बास से लेकर अल्ट्रासोनिक तक।

चार वेव टाइप

साइन, स्क्वेयर, ट्राइएंगल और सॉटूथ — हर एक की अपनी अलग आवाज़ है।

बाएँ, दाएँ या दोनों

टोन एक या दोनों चैनल में भेजें। स्पीकर या हेडफ़ोन की आवाज़ कम हो गई है तो चेक करने के लिए।

लॉगरिदमिक कंट्रोल

स्लाइडर कान की तरह काम करता है — बास में सटीक, ऊपर जाने पर बड़े जंप।

वॉल्यूम कंट्रोल

सही लेवल पर रखें। लगातार टोन तेज़ वॉल्यूम पर जल्दी असहज हो जाती है।

सब कुछ आपके डिवाइस पर

पूरी तरह ब्राउज़र में चलता है। कोई ऑडियो डेटा कहीं नहीं भेजा जाता।